Vice President Election :सीपी राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति बने, विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया,प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे
भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan)ने उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने मंगलवार को हुए मतदान में 452 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi ) ने एक्स पर बधाई देते हुए कहा कि राधाकृष्णन का जीवन हमेशा समाज सेवा और गरीबों-वंचितों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा है। जीत के बाद पीएम मोदी ने नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति से मुलाकात की और बधाई दी।
उन्होंने लिखा, उनका जीवन हमेशा समाज की सेवा और गरीबों व हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे, जो हमारे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करेंगे और संसदीय संवाद को आगे बढ़ाएंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan)को उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत पर बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, सार्वजनिक जीवन में आपके दशकों के समृद्ध अनुभव राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मैं आपको एक सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देती हूं।
उप राष्ट्रपति पद के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन विजयी घोषित किए गए। राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 तथा विपक्ष के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए।
इसी बीच पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अपने उत्तराधिकारी को पत्र लिखकर बधाई दी। यह उनका जुलाई में पद छोड़ने के बाद पहला सार्वजनिक बयान था। धनखड़ ने लिखा कि राधाकृष्णन का इस उच्च पद पर पहुंचना जनप्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके विशाल अनुभव के कारण उपराष्ट्रपति का पद और अधिक सम्मान और गरिमा हासिल करेगा।
एनडीए उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan)452 मतों से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने उनके प्रतिद्वंदी इंडिया महाठबंधन के बी सुदर्शन रेड्डी को हराया है। रेड्डी के पाले में 300 वोट पड़े हैं। एनडीए उम्मीदवार को करीब दो-तिमाही से महुमत हासिल किया है। इसपर भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि 14 सांसदों ने क्रॉसवोटिंग की है।
मालूम हो कि, इस साल जुलाई में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों के चलते इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव कराया गए हैं। संसद परिसर के वसुंधा भवन में सुबह 10 बजे से म 5 बजे तक वोटिंग हुई। संसद के दोनों सदनों के सांसदों ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाले।
इंडिया गठबंधन से सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा गया था। जिससे मतदान प्रक्रिया में संदेश जाए। हालांकि, एनडीए ने अपनी रणनीति के तहत क्रॉस वोटिंग के जरिए विपक्ष के वोट बैंक में सेंध लगाई और 452 वोट हासिल किए। सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट करने की अपील की थी। यही कारण रहा कि कुछ क्रॉस वोटिंग हुई और एनडीए को फायदा मिला।
इस चुनाव में 15 वोट अमान्य पाए गए, यानी कुल वोटों का लगभग 2 फीसदी हिस्सा। यह बताता है कि सांसदों को मतदान प्रक्रिया में गलती करने या जानबूझकर इनवैलिड वोट देने की संभावना रही। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे ऐसे चुनावों में सांसदों को सही तरीके से वोटिंग करने की लंबी ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी ताकि इनवैलिड वोटों की संख्या कम हो।