मणिपुर ( Manipur ) के बिष्णुपुर जिले में शुक्रवार शाम आतंकवादियों ने असम राइफल्स ( Assam Rifles )की गाड़ी पर हमला कर दिया। हमले में 2 जवान शहीद हो गए, जबकि 5 जवान घायल हुए हैं। घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने RIMS अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इस हमले ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में हुआ। असम राइफल्स ( Assam Rifles ) के जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहा था। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।जिसमें एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो जवान, जिनमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) और एक जवान शामिल हैं, मौके पर ही बलिदान हो गए। जबकि पांच जवान गंभीर रूप से घायल हैं।’ घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनमें से एक की स्थिति नाजुक है।
मामले में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि व्यस्त सड़क पर असम राइफल्स ( Assam Rifles ) के जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद हमलावर एक सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बल ने हमले के पीछे छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शाम लगभग 5:50 बजे, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक वाहन-आधारित टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर बढ़ रही थी। मणिपुर के विमुक्त क्षेत्र, नाम्बोल सबल लेईकाई में, हाईवे पर अज्ञात आतंकवादियों ने इस टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस कार्रवाई में, असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए, जिन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अभी तक, किसी भी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इसी बीच, मणिपुर के राज्यपाल ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बलिदान जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और कहा कि राष्ट्र की रक्षा में उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे घृणित आतंकी कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।
असम राइफल्स( Assam Rifles ) के काफिले पर हुआ घातक हमला अब नए साजिशी संदर्भों से जुड़ता दिख रहा है। यह हमला उस प्रस्तावित बंद (21 सितम्बर) से ठीक दो दिन पहले हुआ है, जिसे घाटी-आधारित उग्रवादी संगठनों ने बुलाया है। यह बंद 1949 के मणिपुर विलय समझौते का विरोध करने के लिए घोषित किया गया है। बता दें कि 21 सितम्बर 1949 को मणिपुर का भारत संघ में विलय हुआ था। राज्य के कुछ उग्रवादी संगठन इसे ब्लैक डे के रूप में चिह्नित करते हुए हर साल विरोध दर्ज कराते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क थीं।