Tuesday, June 23, 2026

CBI, Ladakh, News, violence

Ladakh Violance: लद्दाख में हिंसा भड़काने के आरोपों से बुरी तरह घिरे सोनम वांगचुक की संस्था का विदेश से फंडिंग लेने वाला एफसीआरए लाइसेंस रद्द

Govt cancels foreign funding licence FCRA of Sonam Wangchuk’s NGO amid Ladakh Violance
सरकार ने लद्दाख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)की गैर-लाभकारी संस्था का एफसीआरए पंजीकरण रद कर दिया है। आरोप है कि एनजीओ के लिए विदेशी फंडिंग से संबंधित कानून का ‘बार-बार’ उल्लंघन किया गया। यह रद्दीकरण वांगचुक के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश में राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के 24 घंटे बाद हुआ है।
केंद्र सरकार ने लद्दाख के सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)के नेतृत्व वाली संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत मिला लाइसेंस रद्द कर दिया है।सरकार के आदेश के अनुसार, संस्था अब विदेश से चंदा या किसी भी तरह की आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं कर सकेगी। लाइसेंस रद्द किए जाने के पीछे क्या कारण हैं, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है।
इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वांगचुक के स्थापित संस्थानों से जुड़े विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने कहा, “सोनम वांगचुक की ओर से एफसीआरए उल्लंघन की जांच प्रारंभिक जांच के तौर पर कुछ समय से चल रही है, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।”हाल ही में वांगचुक ने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर 10 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। इस बीच बुधवार को क्षेत्र में 1989 के बाद की सबसे गंभीर हिंसा हुई, जिसमें युवाओं ने भाजपा मुख्यालय और हिल काउंसिल को निशाना बनाया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे। झड़पों में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। 30 पुलिस कर्मियों समेत 80 से ज्यादा लोग घायल हुए।

मामले में गृह मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि सोनम वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया था। हिंसक घटनाओं के बीच, उन्होंने अपना उपवास तोड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यापक प्रयास किए बिना एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए।

गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर सोनम वांगचुक पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप लगाया, जबकि उन्होंने खुद 24 सितंबर को अपना अनशन तोड़ने का फैसला किया था।

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एक बयान में कहा कि उपद्रवियों ने युवाओं को भड़काकर हिंसा भड़काई। गुप्ता ने कहा कि जब भीड़ ने सीआरपीएफ के एक वाहन में आग लगा दी और वाहन के अंदर मौजूद जवानों को जिंदा जलाने का इरादा किया, तो सुरक्षा बलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।

सोनम वांगचुक ने गुरुवार को लेह में हिंसा भड़काने के आरोपों को खारिज किया है। वांगचुक ने कहा, ‘मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। इससे हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और बिगड़ेंगे।’

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels