Tuesday, June 23, 2026

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Uttar Pradesh:बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय हत्याकांड में आगरा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को सात वर्ष, बेटे-बेटी को आजीवन कारावास

7 years for the president of the Agra Collectorate Bar Association, life imprisonment for his son and daughter in the murder case of Bank Manager Sachin Upadhyay.

 ( Agra  )  के  बहुचर्चित बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय (Bank Manager Sachin Upadhyay )हत्या कांड  में मंगलवार को न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-17 नितिन कुमार ठाकुर ने कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत को सबूत नष्ट करने के आरोप में सात साल कारावास तथा उनकी पुत्री प्रियंका उर्फ मोना और पुत्र कृष्णा रावत को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।

मामला थाना ताजगंज क्षेत्र का है। वादी केशव देव शर्मा निवासी टीकतपुरा थाना मनसुखपुरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र सचिन उपाध्याय,(Sachin Upadhyay ) जो बैंक आफ इंडिया में मैनेजर थे, उनकी शादी फरवरी 2015 में बिजेंद्र रावत की पुत्री प्रियंका उर्फ मोना से हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद रहने लगा था। पत्नी प्रियंका अलग रहने का दबाव बनाती थी और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी।

वादी केशवदेव के अनुसार, सितंबर 2023 में सचिन ने अपने भाई के नाम पेट्रोल पंप हेतु आवेदन किया था। इसकी जानकारी होने पर ससुराल पक्ष ने उस पर दबाव डाला और 11 अक्टूबर को प्रियंका, उसके भाई कृष्णा रावत और पिता बिजेंद्र रावत ने मिलकर सचिन को घर में बंद कर प्रताड़ित किया। 12 अक्टूबर की शाम बिजेंद्र रावत ने फोन पर सचिन की मौत की सूचना दी। जब परिवार वहां पहुंचा, तो सचिन के शरीर पर चोटों के निशान मिले।

13 अक्टूबर 2023 को परिवार की मांग पर चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। 18 अक्टूबर को हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और 20 अक्टूबर को कृष्णा रावत गिरफ्तार हुआ, जबकि 29 अक्टूबर को बिजेंद्र और प्रियंका को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया।

मुकदमे के दौरान अभियोजन की ओर से 18 गवाह और बचाव पक्ष से 4 गवाह अदालत में पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने प्रियंका उर्फ मोना और कृष्णा रावत को हत्या तथा बिजेंद्र रावत को सबूत नष्ट करने का दोषी करार दिया। बुधवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए प्रियंका और कृष्णा को आजीवन कारावास तथा बिजेंद्र रावत को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।

तत्कालीन डीसीपी सिटी ने डॉक्टरों के पैनल से सचिन (Sachin Upadhyay ) के शव का पोस्टमार्टम कराया था जिसकी वीडियाेग्राफी भी हुई थी। रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटना की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के छह निशान मिले थे जो हल्के जले थे। इस मामले में जनवरी 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसमें बिजेंद्र रावत को आपराधिक षड्यंत्र (धारा 201) का आरोपी बनाया था, जबकि बेटी प्रियंका और बेटे कृष्णा को हत्या और साक्ष्य मिटाने (302, 201) का आरोपी बनाया था। हत्या के पीछे पत्नी का झगड़ा दर्शाया गया था। 25 से अधिक गवाहों के साथ इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य भी जुटाए गए थे।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels