Tuesday, June 23, 2026

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Maharashtra:’अबकी बार मोदी सरकार’ का स्लोगन देने वाले पीयूष पांडे नहीं रहे:’हमारा बजाज’,’कुछ खास है जिंदगी में’ और ‘दो बूंद जिंदगी की’ से मशहूर हुए

Advertising Guru Piyush Pandey, the creative mind behind Abki Baar Modi Sarkar slogan, dies at 70

एड गुरु पद्मश्री पीयूष पांडे( Piyush Pandey ) का गुरुवार को निधन हो गया। जानकारी आज सामने आई है। 70 साल की उम्र में     में उन्होंने अंतिम सांस ली। पीयूष ने ‘अबकी बार मोदी सरकार’ नारा लिखा था। इसके अलावा, ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ गाना लिखा था।

पीयूष पांडे ( Piyush Pandey ) भारतीय विज्ञापन जगत के वो दिग्गज सितारे हैं, जिन्होंने हिंदी भाषा को विज्ञापनों की आत्मा बना दिया. उनकी क्रिएटिविटी ने ब्रांड्स को घर-घर तक पहुंचाया और भाषा को सरल, बोलचाल की बना दिया।

पीयूष पांडे की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे शरीर में संक्रमण से जूझ रहे थे। अंतिम संस्कार 25 अक्टूबर मुंबई में किया जाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने X पर लिखा, ‘पीयूष पांडे ( Piyush Pandey ) क्रिएटिविटी के लिए जाने जाते थे। एडवर्टाइजिंग की दुनिया में उन्होंने शानदार योगदान दिया। मैं उनके साथ हुई बातचीत को सालों तक संजोकर रखूंगा। उनके दुनिया से जाने से बहुत दुखी हूं। उनके परिजन के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’

पीयूष 27 साल की उम्र में विज्ञापन जगत से जुड़ गए थे। उन्होंने शुरुआत अपने भाई प्रसून पांडे के साथ की। दोनों ने रोजमर्रा के उत्पादों के लिए रेडियो जिंगल्स की आवाज दी थी।

1982 में विज्ञापन कंपनी ओगिल्वी से की। 1994 में उन्हें ओगिल्वी के बोर्ड में नॉमिनेट किया गया। पीयूष को 2016 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, 2024 में उन्हें LIA लीजेंड अवॉर्ड भी मिला।

पीयूष पांडे( Piyush Pandey ) द्वारा बनाए गए वो 5 आइकॉनिक एड लेकर आए हैं, जिन्हें आप देखकर भुला नहीं पाए होंगे।

1. फेविकॉल का ‘ट्रक वाला विज्ञापन’ साल 2007 में आया था, जिसमें एक साधारण चिपकाने वाला गोंद को पीयूष पांडे ने ऐसा बदला कि हर घर में फेमस हो गया। विज्ञापन में एक ट्रक के ऊपर ढेर सारे लोग बैठे हुए होते हैं और ऊबड़ खाबड़ सड़क पर वह गिरते नहीं और गाड़ी चलती रहती है। इस एड ने ग्लू को फेविकोल में बदल कर रख दिया,ना सिर्फ इस एड को कई अवॉर्ड मिले बल्कि दर्शकों के दिलों में यह छप गया।

2. कैडबरी डेयरी मिल्क का ‘क्रिकेट वाला विज्ञापन’ साल 2007 में आया था, जिसमें भारतीय क्रिकेट के लिए प्यार एक बच्चा छक्का मारकर खुशी से नाचने लगता है, तो पूरा मोहल्ला उसके साथ झूम उठता है। पांडे की आवाज ने इसे और भी मजेदार बना दिया, वहीं “कुछ खास है जिंदगी में!” लाइन ने लोगों से जोड़ दिया।

3. एशियन पेंट्स के साल 2002 में आए विज्ञापन ‘हर घर कुछ कहता है’ (2002) में एक परिवार की कहानी बताई गई, जहां पिता की यादें दीवारों पर जीवित हो उठती हैं, टैगलाइन “हर घर कुछ कहता है” ने लाखों घरों को छुआ और एशियन पेंट्स मार्केट लीडर बन गया।

4. हच (वोडाफोन) का ‘पग वाला विज्ञापन’ 2003 में आया था, जिसमें एक बच्चे को प्यारा पग फॉलो करता है, जो ‘व्हेयरवर यू गो, हच इज विदू’ का प्रतीक बन जाता है। पांडे ने मोबाइल कनेक्टिविटी को दोस्ती और विश्वास से जोड़ा, हिंदी डायलॉग्स जैसे “भाई, हच है ना!” ने इसे घर-घर फेमस कर दिया। यह एड सिर्फ ब्रांड को री-ब्रांडिंग करने में सफल रहा, बल्कि पग को राष्ट्रीय आइकॉन बना दिया।

5. 2014 में बीजेपी के स्लोगन अब की बार मोदी सरकार को भी पीयूष पांडे ( Piyush Pandey ) ने बनाया, जो आज घर घर में फेमस है।पीयूष ने “अबकी बार मोदी सरकार” कैम्पेन को 50 दिन में डिजाइन किया था। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में बताया था कि इस कैंपेन के पीछे रिसर्च की गई थी। मोदी की इमेज और फेस को फोकस में रखा था। ये लाइन नॉर्मल बात करने की भाषा में लिखी गई थी, जिससे लोग आसानी से कनेक्ट कर सकें। उन्होंने बताया था कि उनकी टीम ने 50 दिन में 200 से ज्यादा टीवी कमर्शियल, 100 से ज्यादा रेडियो एड और हर रात 100 से ज्यादा प्रिंट एड निकाले। हर दिन उनके साथ बीजेपी के नेता बैठकर एड अप्रूव कराते थे और कैंपेन में भी हिस्सा लेते थे।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels