कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु( Bengaluru ) में स्कूलों को भेजे गए फर्जी बम धमकी ईमेलों के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तरी संभाग साइबर क्राइम पुलिस ने तमिलनाडु की रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है।
बेंगलुरु( Bengaluru ) में एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि महिला ने झूठे बम धमकी वाले ईमेल भेजे। इनमें से एक ईमेल शहर के एक स्कूल को भी भेजा गया था। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
यह गिरफ्तारी बॉडी वारंट पर गुजरात के अहमदाबाद जेल से बेंगलुरु लाने के बाद हुई। आरोपी ने कथित रूप से एक पुरुष सहकर्मी के प्रेम प्रस्ताव को ठुकराने के बदले में उसे फंसाने के लिए यह साजिश रची थी। उसके खिलाफ गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत 11 राज्यों में 21 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, कालासिपाल्या थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना-प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले यह गिरफ्तारी हुई है। यह मामला एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में 14 जून को स्कूल की ईमेल आईडी पर भेजे गए बम धमकी संदेश का हवाला दिया गया था।
उत्तर संभाग की साइबर अपराध पुलिस ने मामले की जांच की। इसने महिला को गुजरात के अहमदाबद शहर के केंद्रीय कारागार से 28 अक्तूबर हिरासत में लिया। इसके लिए वारंट जारी किया गया। बाद में आरोपी से पूछताछ की गई।
आरोपी ने बंगलूरू शहर में छह मामलों में शामिल होने की बात कबूल की। इसमें कालासिपाल्या थाने का मामला भी शामिल है। जांच में सामने आया कि झूठे बम की धमकी वाले फोन कॉल के मामले में आरोपी के खिलाफ गुजरात, मैसूर और चेन्नई में भी दर्ज हैं।
मामला 14 जून 2025 को तब शुरू हुआ जब कलसी पाल्या क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल को बम धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रिंसिपल ने तुरंत कलसी पाल्या थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान शहर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामला उत्तरी संभाग साइबर क्राइम यूनिट को सौंप दिया गया। साइबर एक्सपर्ट ने ईमेल के आईपी एड्रेस, वीपीएन ट्रेल और वर्चुअल नंबर्स का पीछा किया। आरोपी ने ‘गेटकोड’ ऐप से वर्चुअल मोबाइल नंबर्स हासिल कर 6-7 व्हाट्सएप अकाउंट्स बनाए थे और टोर ब्राउजर और डार्क वेब का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन छिपाई।
जांच में पता चला कि बेंगलुरु के कलसी पाल्या में ही 6 अन्य स्कूलों को इसी तरह की धमकियां भेजी गईं। आरोपी चेन्नई में एक प्रमुख एमएनसी में सीनियर कंसल्टेंट और रोबोटिक्स इंजीनियर थी। उसने बेंगलुरु प्रोजेक्ट के दौरान एक सहकर्मी, दिविज प्रभाकर, से एकतरफा प्यार किया। दिविज ने फरवरी 2025 में किसी और से शादी कर ली।
गुस्से में आकर रेने ने दिविज के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाईं। इनसे स्कूलों, अस्पतालों और स्टेडियमों को धमकियां भेजीं, ताकि दिविज पर शक हो। एक ईमेल में लिखा, “गुजरात विमान दुर्घटना जैसा विस्फोट आपके स्कूलों में होगा।” 12 जून 2025 की अहमदाबाद एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश (274 मौतें) के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज को भेजे ईमेल में दावा किया, “हमने ही प्लेन क्रैश किया, अब तुम्हें पता चला कि हम मजाक नहीं कर रहे।” बाबासाब नेमागौड़, डीसीपी उत्तर ने बताया कि आरोपी महिला को अहमदाबाद, गुजरात में एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच में हमें पता चला कि उसने कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे थे, उसे बॉडी वारंट पर बेंगलुरु लाया गया और आगे की जांच की जा रही है।