Tuesday, June 23, 2026

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G20 Summit :पीएम मोदी ने किया ऑस्ट्रेलिया-कनाडा संग नई साझेदारी का एलान,जी-20 में ‘ड्रग-आतंक के खिलाफ लड़ाई’ का दिया प्रस्ताव

PM Modi announces partnership with Canada, Australia, for innovation- technology,

  ( )  ने जोहान्सबर्ग में शनिवार को जी20 शिखर सम्मेलन में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और कनाडा के मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘हमें आज ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत तकनीकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।’

उन्होंने कहा, ‘यह पहल उभरती प्रौद्योगिकियों में तीन महाद्वीपों और तीन महासागरों में लोकतांत्रिक साझेदारों के बीच सहयोग को गहरा करेगी। आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और एआई को व्यापक रूप से अपनाने में मदद करेगी।’ उन्होंने आगे कहा कि यह साझेदारी एक अधिक लचीले वैश्विक भविष्य में योगदान देने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने हेतु मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।

में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा को उन्होंने गले लगा लिया।

इसके बाद मोदी (PM Modi  )ने समिट के पहले सेशन में भाषण दिया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा। मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।

वहीं समिट के दूसरे सत्र में पीएम ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, जी20 शिखर सम्मेलन में सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर बात की।

दूसरी ओर अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा ने 2026 की अध्यक्षता किसी ‘खाली कुर्सी’ को सौंपने की बात कही है। 2026 में G20 की अध्यक्षता अमेरिका को मिलनी है, लेकिन अब तक कोई अमेरिकी ऑफिशियल समिट में शामिल नहीं हुआ है।

पीएम मोदी (PM Modi  )ने एक्स पर कई पोस्ट में जी20 शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र को लेकर लिखा- जोहनिसबर्ग में हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र का मुख्य विषय था- दुनिया को आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा परिवर्तन की चुनौतियों के बीच अधिक मजबूत बनाना, और साथ-साथ भोजन सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था तैयार करना। भारत इन सभी क्षेत्रों में पहले से ही सक्रिय है और ऐसा भविष्य गढ़ रहा है जो मानव-केन्द्रित और सबको साथ लेकर चलने वाला हो।

भारत का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान तभी संभव है जब दुनिया मजबूत सहयोग की राह चुने। इसी सोच के कारण भारत ने अपनी जी20 अध्यक्षता के दौरान डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की स्थापना की। आपदा प्रबंधन का रास्ता केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विकास की दृष्टि से आगे बढ़ना चाहिए। भारत ने G20 ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप बनाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि जी20 देशों की स्पेस एजेंसियों का उपयोगी सैटेलाइट डेटा और उसका विश्लेषण ग्लोबल साउथ के देशों के लिए और अधिक सुलभ हो सके।

दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में समूह के नेताओं ने एक ऐतिहासिक घोषणापत्र को अपनाया। इस घोषणापत्र पर सर्वसम्मति से बनी सहमति इसलिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि अमेरिका ने इसका विरोध किया था और शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया था।

दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने शनिवार को एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को आईना दिखाते हुए कहा कि राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा जी-20 की अगली अध्यक्षता किसी अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि को नहीं सौंपेंगे। ये फैसला ट्रंप के शिखर सम्मेलन बहिष्कार के बाद लिया गया है।

ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया था कि वह कार्यभार सौंपने के लिए जोहानिसबर्ग में अपने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को भेजेगा। विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने कहा कि राष्ट्रपति रामाफोसा अमेरिका के प्रभारी को कार्यभार नहीं सौंपेंगे। उन्होंने साफ किया कि अगर वे प्रतिनिधित्व चाहते हैं तो वे अभी भी उचित स्तर पर किसी को भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये व्यक्ति राज्य प्रमुख, मंत्री या राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त विशेष दूत होगा।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने गुरुवार को जी-20 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जी-20 में कोई धमकी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं हो सकता कि किसी देश की भौगोलिक स्थित, आय का स्तर या सेना यह तय करे कि किसकी आवाज सुनी जाए और किससे बात की जाए।

दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि अमेरिका को संयुक्त घोषणापत्र के शब्दों पर आपत्ति है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर पारित घोषणापत्र पर फिर से बातचीत नहीं की जा सकती है। रामाफोसा के प्रवक्ता ने कहा कि घोषणापत्र को शिखर सम्मेलन के शुरुआती दौर में ही स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम इसे मिले जबरदस्त समर्थन की वजह से उठाया गया था।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels