Tuesday, June 23, 2026

Ayodhya Ram Mandir, INDIA, News, PM Narendra Modi, Religion

अयोध्या में राम मंदिर पर फहराई धर्मध्वजा,प्रधानमंत्री मोदी भावुक हुए:बोले- सदियों की वेदना आज पा रही विराम ,खुशी से झूमे साधु-संत

PM Modi Hoists Sacred 'Dharma Dhwaja' At Ayodhya's Ram Temple,Said – the pain of centuries is Finally Over

  ) का राम मंदिर आज संपूर्ण हो गया। प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिनों बाद अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की गई।   ( ) ने शिखर पर भगवा ध्वज फहराया। इस दौरान उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत और ट्रस्ट के गोविंदगिरी भी मौजूद रहे।

सुबह 11.50 बजे अभिजीत मुहूर्त में बटन दबाते ही 2 किलो की केसरिया ध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहरने लगी। प्रधानमंत्री भावविभोर हो गए। उन्होंने धर्मध्वजा को हाथ जोड़कर प्रणाम किया।

इसे इलेक्ट्रिक सिस्टम के माध्यम से 161 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर स्थापित किया गया। ध्वज पर सूर्य, “ॐ” और कोविदार वृक्ष के विशेष चिह्न अंकित हैं; जिन्हें राम मंदिर की परंपरा, सूर्यवंश और सनातन प्रतीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

ट्रस्ट की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इसके साथ कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर ‘ओम’ अंकित है। मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा, जो दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है।

ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मोहन भागवत के साथ मंदिर की पहली मंजिल पर बने रामदरबार में पूजा और आरती की। इसके बाद रामलला के दर्शन किए। प्रधानमंत्री रामलला के लिए वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे थे। प्रधानमंत्री ने साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक डेढ़ किमी लंबा रोड शो भी किया।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi  ) ने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है। ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वज नहीं, ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। ये ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है, संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है।

पीएम मोदी ने आगे कहा,आज सदियों के घाव भर गए हैं। हम देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। इसी मानसिकता ने वर्षों तक भगवान राम को काल्पनिक बताया।

पीएम मोदी(PM Modi  )ने आगे कहा, “सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं। ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रची सूर्यवंश की ख्याति वर्णित ओम शब्द और वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। ये ध्वज संकल्प है, ये धवज सफलता है। ये ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है। ये ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणिति है।

पीएम मोदी (PM Modi  )ने कहा कि आज जब राम मंदिर के प्रांगण में कोविदार फिर से प्रतिष्ठित हो रहा है। यह केवल एक वृक्ष की वापसी नहीं है। हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है। देश को आगे बढ़ना है तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत पर गर्व के साथ साथ गुलामी की मानसिता से मुक्ति भी जरूरी है। आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। 2035 में इस घटना को 200 साल पूरे होंगे। हमें आने वाले दस सालों तक भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi  )ने आगे कहा कि हर उस दानवीर का भी आभार जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए अपना सहयोग दिया। हर श्रमवीर, योजनाकार, वास्तुकार का अभिनंदन। जब श्रीराम अयोध्या से वनवास को गए तो वे युवराज राम थे, जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर लौटे। विकसित भारत बनाने के लिए भी समाज की इसी सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। राम मंदिर का दिव्य प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्तस्थली बने हैं; निषाद राज, मां सबरी का मंदिर है। यहां एक ही स्थान पर महर्षि वशिष्ठ, माता अहल्या, महर्षि अगस्त्य, संत तुलसीदास, महर्षि विश्वामित्र हैं। यहां जटायू जी और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं। जो बड़े संकल्पों के लिए छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भी राम मंदिर आएं सप्त मंदिर के दर्शन भी अवश्य करें। मित्रता, कर्तव्य, सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को शक्ति देती है। हमारे राम भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, उसकी भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें वंश नहीं, मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं- महिला, दलित, युवा, वंचित। हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री अयोध्या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है। आज का दिन उन संतों, योद्धाओं, श्री राम भक्तों की अखंड साधना, संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने इस पूरे आंदोलन और संघर्ष के लिए अपना जीवन समर्पित किया। श्रीराम मंदिर पर फहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का प्रतीक है, मर्यादा का प्रतीक है, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का भी प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं।

ध्वजारोहण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, संत समाज और देश-विदेश से आए अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी का अयोध्या में रोड शो आयोजित किया गया और इसके बाद उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। ध्वजारोहण के लिए अयोध्या में बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई थीं। पूरे शहर को फूलों से सजाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद और शहर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष यातायात और सुविधाओं की व्यवस्था की गई। मंदिर की परिधि और आयोजन परिसर में आने वाले अतिथियों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए।

सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में राम मंदिर पर फहराई धर्मध्वजा

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels