Tuesday, June 23, 2026

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Madhya Pradesh :देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत,200 से ज्यादा बीमार

देश के सबसे स्वच्छ शहर    (  ) के   )   के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 10 मौत हो चुकी हैं। 200 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार शाम डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे। यहां अलग-अलग अस्पताल जाकर बीमार लोगों से मुलाकात की।

मामले में हाई कोर्ट की इंदौर Indore) बेंच ने प्रदेश सरकार से 2 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी ने बुधवार सुबह जनहित याचिका दायर कर शहर के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने त्वरित सुनवाई कर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

बुधवार को भागीरथपुरा में पांच माह के अव्यान साहू समेत 4 लोगों ने दम तोड़ा। अव्यान की मां का कहना है कि सरकार बच्चों की मौत क्यों नहीं बताती। निश्चित तौर पर और भी बच्चे दूषित पानी का शिकार हुए होंगे। परिजन के मुताबिक, 5 माह के अव्यान को बाहरी दूध पिलाया जाता था। इसमें पानी मिला होता था।

सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के मुताबिक, भागीरथपुरा से लगे अन्य क्षेत्रों में भी संक्रमण फैलने की सूचना पर विभाग ने 21 टीमें बनाई हैं। इनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। घर-घर जाकर उबला पानी पीने, बाहर का भोजन, कटे फल न खाने की समझाइश दी जा रही है। क्षेत्र में 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। 11 एम्बुलेंस तैनात हैं।

हसानी ने बताया कि अब तक 7992 घरों का सर्वे किया गया है। 39854 लोगों की जांच की गई है। इनमें से 2456 संदेहास्पद मरीज मिले। जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। अब तक अस्पतालों में 212 मरीज एडमिट किए गए। इनमें से 50 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। 162 भर्ती हैं, 26 ICU में हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा- भागीरथपुरा में अब तक 40 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 2456 लोगों में संदेहास्पद लक्षण मिले। 212 एडमिट किए गए। 50 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 162 अभी एडमिट हैं। हम सभी मरीजों से मिले। सभी स्टेबल हैं। सभी का बेहतर उपचार किया जा रहा है।

सीएम ने कहा- यह सही है कि मामले में लापरवाही हुई थी। इसमें जो कार्रवाई की गई है, वह सभी की जानकारी में है। अभी एसीएस संजय दुबे इंदौर Indore) में ही हैं। वे सभी जनप्रतिनिधियों के साथ कल पूरे मामले को समझेंगे। सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन सभी क्षेत्रों में जहां पानी से संबंधित शिकायत है, वहां अच्छे से जांच होगी। भविष्य में ऐसी नौबत न आए, इसका प्रबंधन करेंगे। यह सही है कि अधिकारियों की कमी है तो हम जिनकी जरूरत होगी, नगर निगम को देंगे।

दरअसल, बीते कई दिनों से क्षेत्र के रहवासी नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि 24 दिसंबर से उल्टी-दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ने लगीं और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।

नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस मुख्य पाइपलाइन से पूरे भागीरथपुरा में पानी सप्लाई होता है, उसी के ऊपर सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। मुख्य लाइन में लीकेज के कारण ड्रेनेज सीधे पेयजल लाइन में मिल रहा था। इसके अलावा इलाके में कई जगह जल वितरण लाइन टूटी हुई मिली, जिससे गंदा पानी घरों तक पहुंचता रहा। नई पाइपलाइन लगाने के लिए 4 महीने पहले ही टेंडर हो गए थे । ढाई करोड़ की लागत से बनने वाली मेन लाइन के टेंडर पर ध्यान ही नहीं दिया गया।

इंदौर  Indore)के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मौतों को लेकर भोपाल नगर निगम भी अलर्ट हो गया है। महापौर मालती राय ने नगर निगम के सब इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और सुपरवाइजर को निरीक्षण करने को कहा है। वहीं, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को नजर रखने के निर्देश दिए हैं।पीने की पाइप लाइन जांचने के लिए बुधवार को नगर निगम की टीम अवधपुरी पहुंची। कुछ घरों से पानी के सैंपल भी लिए।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels