Tuesday, June 23, 2026

Madhya Pradesh, News, Tragedy

Madhya Pradesh :दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद सरकार का एक्शन, इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव हटाये गए 

देश के सबसे स्वच्छ शहर    (  ) के   )  में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है।भागीरथपुरा में हुई घटना में 15 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की थी।

 सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि इंदौर  ) के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। वहीं, इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए गए। बता दें सिसोनिया को इंदौर से भोपाल ट्रांसफर कर मंत्रालय में उप सचिव बनाया गया था।

इससे पहले शुक्रवार दोपहर में नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। सिसोनिया को ट्रांसफर कर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव के पद पर भेजा गया था। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया था।

इसके साथ ही इंदौर  Indore) नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। खरगोन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।

शुक्रवार को ही सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। सरकार की यह रिपोर्ट तब आई है, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

1 जनवरी को हाईकोर्ट ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा था। सरकार ने 5 दिन बाद 4 मौतों की बात स्वीकारी। 39 पेज की स्टेट्स रिपोर्ट में बताया कि सभी मृतकों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। इनमें उर्मिला की मौत 28 दिसंबर, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर और हीरालाल ( 65) की 31 दिसंबर को हुई।

इंदौर  Indore) के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट गुरुवार को आई। इसमें बताया गया कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं।

Jaba Upadhyay

Jaba Upadhyay is a senior journalist with experience of over 15 years. She has worked with Rajasthan Patrika Jaipur and currently works with The Pioneer, Hindi.