राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME), कटरा की एमबीबीएस कोर्स की मान्यता रद कर दी है। आयोग की टीम ने हालिया निरीक्षण में कॉलेज में ढांचागत सुविधाओं, फैकल्टी और अन्य आवश्यक मानकों में गंभीर कमियां पाईं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।एनएमसी का यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
कॉलेज के मौजूदा छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। समायोजन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा।
इसका अर्थ यह है कि इस निर्णय के कारण किसी भी प्रवेशित छात्र की एमबीबीएस सीट नहीं छिनेगी। इसके बजाय, उन्हें जम्मू और कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में उनकी नियमित स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त समायोजित किया जाएगा।
इस स्थानांतरण का कार्यान्वयन केंद्र शासित प्रदेश के नामित स्वास्थ्य एवं परामर्श अधिकारियों के अधीन होगा, जिन्हें आदेश की प्रतियों के माध्यम से इस निर्णय की औपचारिक सूचना दे दी गई है। आदेश के अनुसार, अचानक निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आया।
संस्थान ने 5 दिसंबर, 2024 और 19 दिसंबर, 2024 को जारी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के सार्वजनिक नोटिसों के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों वाले एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवेदन किया था। आवेदन पर कार्रवाई के बाद, एमएआरबी ने 8 सितंबर, 2025 को एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति पत्र जारी किया।
आदेश में कहा गया है कि अनुमति पत्र कई शर्तों के अधीन था, जिनमें आवश्यक मानकों को बनाए रखना, अचानक निरीक्षण की अनुमति देना, सटीक जानकारी प्रदान करना और नवीनीकरण से पहले कमियों को दूर करना शामिल था।
एमएआरबी ने गलत जानकारी देने, नियमों का पालन न करने या नियामक मानदंडों को पूरा करने में विफल रहने की स्थिति में अनुमति वापस लेने या रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखा था। अनुमति पत्र जारी होने के बाद, आयोग को कॉलेज में अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, नैदानिक सामग्री और योग्य पूर्णकालिक शिक्षण संकाय और रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुईं।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कॉलेज पहले से ही एमबीबीएस दाखिलों को लेकर विवादों में घिरा हुआ था। पहले बैच की 50 सीटों में अधिकांश मुस्लिम छात्रों के चयन पर सनातनियों की दाखिलों में अनदेखी का आरोप लगाते हुए श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति लगातार आंदोलन कर रही थी।
समिति का कहना है कि श्राइन बोर्ड के चढ़ावे से बने संस्थान में हिंदू छात्रों की भावनाओं की अनदेखी हुई। हालांकि, मान्यता रद होने का मुख्य कारण एडमिशन विवाद नहीं, बल्कि एनएमसी(NMC) के निरीक्षण में पाई गई कमियां बताई जा रही हैं।


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