Tuesday, June 23, 2026

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Uttar Pradesh :आगरा पुलिस की एक और बर्बरता: 10वीं के छात्र को दी थर्ड डिग्री, पीट-पीटकर तोड़ी कलाई; नहीं दे पाएगा बोर्ड परीक्षा

Agra Police brutality

 (   के आगरा  में पुलिस (Agra Police  की एक और बर्बरता सामने आयी पहले एक निर्दोष के पैर तोड़ने वाले की घटना के बाद अब नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई कर उसका हाथ तोड़ दिया है ।पीड़ित छात्र की दसवीं की बोर्ड परीक्षा सोमवार को देनी थी जिसे वह अब नहीं दे सकेगा।इस घटना के आरोपी दो पुलिस सब इंस्पेक्टर निलंबित कर दिये गये है ।

आगरा  में  पूछताछ के दौरान करहरा गांव के राजू पंडित के पैर तोड़ने के मामले में पीड़ित अभी भी कार्रवाई की मांग कर भटक रहा है। वहीं शुक्रवार को मिढ़ाकुर पुलिस चौकी पर तैनात दो दरोगाओं पर किशोरों के बीच हुए विवाद में चचेरे भाइयों को हिरासत में लेने और रुपये की मांग कर एक किशोर को पीटकर उसका हाथ तोड़ने का आरोप लगा है।

किशोर का कहना है कि वह हाईस्कूल का छात्र है। सोमवार को बोर्ड का पेपर है। हाथ में चोट लगने से पेपर कैसे देगा। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगा। किशोर के स्वजन में भी पुलिस के रवैये से आक्रोश है। उनका आरोप है कि दारोगा ने पट्टे से बेटे को अपराधी की तरह पीटा। बेटा चीखता रहा, लेकिन दारोगा का दिल नहीं पसीजा। हाथ टूटने के बाद अब छात्र परीक्षा नहीं दे पाएगा और उसका एक वर्ष खराब हो जाएगा। मामले की जानकारी के बाद आगरा पुलिस (Agra Police) डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों दरोगा को निलंबित कर दिया है। मेडिकल जांच में हाथ टूटा पाए जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

मामला किरावली के मिढ़ाकुर चौकी क्षेत्र के नानपुर गांव की है। पीड़ित बबलू ने बताया कि उनके 15 वर्षीय भतीजे करन का गांव के ही नाबालिग किशोर कार्तिक से 18 फरवरी की शाम को किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। झगड़े के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की थी। उस समय चौकी के दरोगा ने कॉल कर दोनों पक्षों को समझा दिया था।

शुक्रवार को भतीजा परीक्षा देकर 12:30 बजे दोपहर घर आया। इसी दौरान चौकी से दरोगा अनुराग और इशांत घर आ धमके। भतीजे करन और उनके बेटे की शिकायत आने की बोलकर दोनों को चौकी चलने को कहने लगे। करन के पिता नरेंद्र कुमार गाड़ी चलाने के लिए गए हुए थे। करन ने उन्हें फोन किया। वह घर आए और दोनों को अपने साथ चौकी लेकर गए। वहां दूसरे पक्ष के लोगों को बुला लिया। दूसरे पक्ष ने रोहित के विवाद के समय न होने का बयान दिया। इसके बाद दोनों दरोगाओं ने रोहित को उनके सुपुर्द कर दिया और करन को पूछताछ के बाद डेढ़ घंटे में छोड़ने की बोलकर उन्हें घर भेज दिया।

बेटे को छोड़कर जब वह दोबारा चौकी पहुंचे तो उनसे भतीजे को छोड़ने के लिए 10 हजार रुपयों की मांग की गई। उन्होंने परिवार की स्थिति का हवाला देकर रुपये देने से मनाकर दिया। दरोगा इशांत ने भतीजे को शाम तक छोड़ने की बोलकर उन्हें वहां से भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के सामने ही भतीजे को बांध कर उसकी पटों और डंडों से पिटाई की। हाथ हिल जाने से भतीजे के हाथ पर तेज चोट लगी। शाम 7:30 बजे के करीब उनसे भतीजे को छोड़ दिया। रात भर भतीजा दर्द से कराहता रहा। सुबह जब डॉक्टर को दिखाया तो उसके सीधे हाथ में फ्रैक्चर निकला है।

पीड़ित छात्र करन के ताऊ बबलू ने बताया कि भतीजे का हाथ टूटने से अब वह सोमवार को परीक्षा नहीं दे पाएगा। उसकी तड़प देखकर उन्होंने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का मन बना लिया। वह शनिवार दोपहर डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार से शिकायत करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे पर वीआईपी आगमन में ड्यूटी के कारण अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद वह गांव लौट आए। मीडिया को जानकारी होने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। मामले को संज्ञान में लेकर डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच के निर्देश देकर पीड़ित के पास भेजा। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीसीपी ने दोनों दरोगा अनुराग और इशांत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels