Tuesday, June 23, 2026

Assembly Elections 2026, News, West Bengal

Falta Result : फलता विधानसभा सीट पर भाजपा के देबांग्शु पांडा की जीत, सीपीएम प्रत्याशी को एक लाख+ वोट से हराया, टीएमसी के जहांगीर चौथे नंबर पर

  की फलता विधानसभा सीट (  Falta Assembly seat )  पर हुए दोबारा मतदान के बाद आज मतों की गिनती हुई। 22वें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को विजयी घोषित किया गया। दूसरे नंबर पर सीपीआईएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी रहे। कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे, जबकि भाजपा सरकार बनने से पहले सत्तारूढ़ रही तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को 7783 वोट मिले।

फलता विधानसभा सीट (  Falta Assembly seat )  पर निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी को 1,49,666 वोट मिले हैं। जीत का अंतर 1.09 लाख वोट से अधिक रहा है। दूसरे नंबर पर रहे सीपीएम प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 वोट मिले। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10,084 वोट मिले। चौथे नंबर पर खिसकी पार्टी- तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान को केवल 7783 वोट से संतोष करना पड़ा।

बता दें कि बीते 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान फलता विधानसभा सीट (  Falta Assembly seat )  सीट पर मतदान हुआ था। उस समय ईवीएम में हेरफेर और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। भारी हंगामे के बाद निर्वाचन आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर मतदान रद्द कर दिया था। इसके बाद बीते 21 मई को पूरी सीट पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया गया था।

29 अप्रैल को मतदान के दौरान फलता सीट पर भारी तनाव व्याप्त हो गया था। कई बूथों से ऐसी शिकायतें आई थीं कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी कोई चीज और चिपचिपे टेप लगाए गए थे। इसके बाद जब चुनाव अधिकारियों ने मामले की गहन जांच की, तो पता चला कि कई पोलिंग बूथों पर वेब कैमरों के फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। इस मामले में बूथ स्तर के अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग का फैसला किया था।

21 मई को हुए पुनर्मतदान में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। क्षेत्र के कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुनर्मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था दोगुनी कर दी थी। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय बलों की करीब 35 कंपनियां तैनात की गई थीं, जिससे मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हुई।

इस सीट पर चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और नाटकीय रहा। हालांकि आधिकारिक तौर पर मैदान में छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन ऐन वक्त पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से महज दो दिन पहले अचानक घोषणा कर दी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि टीएमसी ने इसे जहांगीर खान का व्यक्तिगत फैसला बताया, लेकिन इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।

 

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels