बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav ) को गृह मंत्रालय की ओर से वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस श्रेणी में अब वे सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
वीआईपी प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत अहम फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में तेज प्रताप यादव की सुरक्षा जरूरतों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी थी, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से उनकी सुरक्षा श्रेणी को बढ़ाने का फैसला लिया गया।
तेज प्रताप यादव,(Tej Pratap Yadav ) जो हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए थे, को यह सुरक्षा प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत प्रदान की गई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम तेज प्रताप के भाजपा के प्रति झुकाव से जुड़ा हो सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से सुरक्षा दिए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन राजनीतिक अटकलों पर किसी भी पक्ष से अब तक बयान नहीं आया है।
दरअसल, एक दिन पहले ही तेज प्रताप(Tej Pratap Yadav ) ने भाजपा के सांसद रवि किशन का समर्थन किया था और उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो रोजगार देगा, मैं उसके साथ रहूंगा। तेज प्रताप पटना एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद रवि किशन के साथ तेज प्रताप यादव नजर आए थे। इस दौरान भाजपा सांसद ने तेज प्रताप यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं। भोलेनाथ के भक्त हैं। वह सारे लोग जिसका लक्ष्य सेवा है उसके लिए भाजपा सीना खोलकर रखती है। इनकी छवि वही आ रही है।
वहीं, तेज प्रताप यादव(Tej Pratap Yadav ) ने कहा था कि पहली बार रवि किशन से मुलाकात हुई, ये भगवान के भक्त हैं हम भी भक्त हैं। तेज प्रताप ने यह भी जोड़ा कि मैंने शुरू से कहा कि जो बेरोजगारी मिटाएगा और रोजगार देगा मैं उसके साथ हूं। तेज प्रताप के इस बयान ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। लोग कयास लगाने लगे राजद के बागी हो चुके तेज प्रताप जल्द ही NDA के नजदीक आ सकते हैं।