Tuesday, June 23, 2026

Terrorism, World

US Strikes Venezuela:विश्व शांति के तथाकथित अग्रदूत अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया, राष्ट्रपति मादुरो का सपत्नीक किया अपहरण, ट्रम्प बोले- दोनों हमारे कब्जे में

Self-Proclaimed Champion of World Peace, US Invades Venezuela and Abducts President Maduro, Wife

विश्व शांति के अग्रदूत बनने का दावा करने वाले  ( ने वेनेजुएला (Venezuela ) पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा है कि वह वेनेजुएला (Venezuela )में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करेंगे। स्टार्मर ने कहा कि मैं हमेशा मानता हूं कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि ब्रिटेन इस हमले में किसी भी तरह से शामिल नहीं था।

अमेरिका ने बीती रात करीब 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह 11:30 बजे) वेनेजुएला के 4 शहरों पर हमले किए थे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने मिलिट्री ठिकानों और खास जगहों को निशाना बनाया। ट्रम्प ने कहा कि वे सुबह 11 बजे (भारतीय समय के मुताबिक रात 9:30 बजे) प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर पूरी जानकारी देंगे।

CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना ने उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और उन्हें अपने कब्जे में लिया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना के स्पेशल डेल्टा फोर्स ने इस मिशन को अंजाम दिया। इसमें किसी भी अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

ये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई करके वहां के राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा, इसके पहले 2003 में इराक और 1989 में पनामा में भी कुछ ऐसे ही ऑपरेशन चलाए गए थे।

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी के मुताबिक निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में आरोप तय किए गए हैं।

निकोलस मादुरो पर नार्को-आतंकवाद की साजिश, कोकीन की तस्करी की साजिश, मशीनगन और खतरनाक हथियार (डिस्ट्रक्टिव डिवाइसेज) रखने, और अमेरिका के खिलाफ ऐसे हथियार रखने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

बयान में कहा गया है कि दोनों को जल्द ही अमेरिका लाया जाएगा, जहां अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी कानून के तहत उन पर पूरी सख्ती से कार्रवाई होगी।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी जनता की ओर से जवाबदेही तय करने का साहस दिखाने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प का धन्यवाद किया जाता है।

साथ ही उन बहादुर अमेरिकी सैनिकों का भी आभार जताया गया है, जिन्होंने इस कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े दोनों आरोपियों को पकड़ने का मिशन बेहद सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो फिर से सुर्खियों आ गई हैं। उन्हें 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।

मचाडो 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से छिपकर रह रही हैं। उन्हें आखिरी बार 10 दिसंबर को देखा गया था, जब वे नोबेल शांति पुरस्कार लेने नॉर्वे गई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भी वह नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में हैं।

मचाडो ने मादुरे के खिलाफ हमेशा ट्रम्प के सख्त कदमों का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि वेनेजुएला में कम्युनिस्ट शासन खत्म करने के लिए अमेरिका को सैन्य हस्तक्षेप करना चाहिए।

वेनेजुएला(Venezuela ) में अब आगे क्या होगा, यह बिल्कुल साफ नहीं है। देश के संविधान के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अपने पद पर नहीं रहेंगे, तो उन्हीं की उपाध्यक्ष डेल्सी रोड्रिगेज सत्ता संभालेंगी।

डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि सरकार को मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का पता नहीं है। लेकिन अब सरकार का भविष्य अनिश्चित है। वहीं विपक्ष का दावा है कि असली राष्ट्रपति प्रवासी नेता एडमंडो गोंजालेज हैं।

क्यूबा ने वेनेजुएला (Venezuela )पर किए गए अमेरिकी हमले की निंदा की है। क्यूबा का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला की जनता के खिलाफ स्टेट टेररिज्म कर रहा है।

क्यूबा के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र को लंबे समय से शांति का क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन अब इस शांति को बेरहमी से तोड़ा जा रहा है।

क्यूबा ने आरोप लगाया कि अमेरिका का यह कदम न सिर्फ वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी खतरा है। क्यूबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस मामले पर चुप न रहे और अमेरिका के इस आपराधिक हमले का खुलकर विरोध करे।

रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूस ने इसे ‘सशस्त्र हमला’ बताया और कहा कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “इन कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए जो वजहें दी जा रही हैं, वे सही नहीं हैं। विचारधाराओं से प्रेरित दुश्मनी हावी हो गई है।”

वेनेजुएला का सहयोगी देश होने के नाते रूस ने बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया और कहा कि वह कूटनीतिक कोशिशों में मदद करने को तैयार है।

Vijay Upadhyay

Vijay Upadhyay is a career journalist with 23 years of experience in various English & Hindi national dailies. He has worked with UNI, DD/AIR & The Pioneer, among other national newspapers. He currently heads the United News Room, a news agency engaged in providing local news content to national newspapers and television news channels