आगरा में डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय पिछले वर्ष जुलाई माह से कार्यवाहक कुलपति ( Vice-Chancellor )के सहारे चल रहा है, इस विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने पूर्णकालिक कुलपति न भेजकर, एक बार फ़िर सोमवार कार्यवाहक कुलपति की ही नियुक्ति कर दी है।अब कुलपति ( Vice-Chancellor ) का प्रभार प्रोफेसर विनय पाठक ( Prof. Vinay Pathak ) को दिया गया है।राज्यपाल ने ने पाँच जुलाई 2021 को लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय को इस विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया था। लेकिन छह माह बाद सोमवार को राज्यपाल ने आदेश जारी कर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार उनसे हटा अब उन्हें लखनऊ की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्विद्यालय के कुलपति का कार्यभार सौंप दिया है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक अभी तक भाषा विवि का अतिरिक्त काम देख रहे थे।
आगरा में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक अब डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय( Dr B R Ambedkar University )के प्रभारी कुलपति बनाए गए हैं। कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से ये आदेश जारी किया गया है। इससे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ( Vice-Chancellor ) प्रो. आलोक कुमार राय के पास प्रभार था।
गौरतलब है कि डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के तत्कालीन कुलपति प्रो. अशोक मित्तल द्वारा कथित रूप से की गई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के चलते उन्हें पाँच जुलाई 2021 को राज्यपाल द्वारा कार्य से विरत कर उनके स्थान पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक राय को अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
11 जनवरी 2022 को प्रो0 मित्तल के खिलाफ लचर गति से चल रही जाँच का अंत उनके इस्तीफे के साथ हो गया था लेकिन नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
आज प्रो0 आलोक कुमार राय को लखनऊ की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्विद्यालय के कुलपति का कार्यभार सौंप दिया गया, जबकि अब तक भाषा विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति ( Vice-Chancellor ) प्रोफेसर विनय पाठक अब आगरा के कार्यवाहक कुलपति होंगे। प्रो0 राय का डॉ0 भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति के रूप में छह माह का कार्यकाल रहा जिसके दौरान राज्यपाल के आदेश के अनुसार उनको विश्वविद्यालय से संबंधित नीतिगत निर्णयों से अलग रखा गया था, हालांकि ऐसा हुआ नहीं।
11 जनवरी 2022 को प्रो0 मित्तल के खिलाफ लचर गति से चल रही जाँच का अंत उनके इस्तीफे के साथ हो गया था लेकिन नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
आज प्रो0 आलोक कुमार राय को लखनऊ की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्विद्यालय के कुलपति का कार्यभार सौंप दिया गया, जबकि अब तक भाषा विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति ( Vice-Chancellor ) प्रोफेसर विनय पाठक अब आगरा के कार्यवाहक कुलपति होंगे। प्रो0 राय का डॉ0 भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति के रूप में छह माह का कार्यकाल रहा जिसके दौरान राज्यपाल के आदेश के अनुसार उनको विश्वविद्यालय से संबंधित नीतिगत निर्णयों से अलग रखा गया था, हालांकि ऐसा हुआ नहीं।
अभी तक रिक्त चल रहे डॉ0 भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति के पद को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में सिर्फ छात्रों का ही भविष्य अधर में नहीं लटका हुआ है, बल्कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया भी लटक गई है। अब देखना यह है कि डॉ0 भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को एक पूर्णकालिक कुलपति कब मिल सकेगा।


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